मायावती ने जंतर-मंतर आंदोलन पर जताई चिंता, बसपा कार्यकर्ताओं से संयम और मिशन पर डटे रहने की अपील
Mayawati expresses concern over the Jantar Mantar agitation
लखनऊ। Mayawati expresses concern over the Jantar Mantar agitation, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर में आंदोलित छात्रों के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ने को जिद्दी मांग ठहराते हुए अपने कार्यकर्ताओं को सजग रहने की हिदायत दी है।
कहा कि विपक्षी पार्टियों में राजनीतिक लाभ के लिए सड़क से संसद तक में होड़ लगी है, उससे आंदोलन हिंसक होकर फैल रहा है। इस राजनीतिक हालात में बसपा कार्यकर्ता उग्र व निराश होने के स्थान पर मिशन के प्रति लगन, तन, मन, धन से डटे रहें।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इंटरनेट मीडिया पर लिखे पोस्ट में यह भी कहा है कि नीट यूजी सहित विभिन्न परीक्षा के पेपरलीक और परीक्षार्थियों आत्महत्या से उपजे काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन को लोगों की सहानुभूति हासिल है, किन्तु सरकारी जवाबदेही के रूप में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उनकी ज़िद्दी मांग से विपक्ष व सरकार बीच राजनीति गर्म है। इससे शिक्षा व्यवस्था में ज़रूरी सुधार का असली मुद्दा लुप्त हो सकता है।
मायावती ने कहा कि इस मुद्दे को भुनाने के लिए विरोधी पार्टियों में होड़ है, जिससे सरकार व विपक्ष के बीच टकराव हिंसक होकर विस्तार ले रहा है। मुददे का राजनीतिकरण होने के साथ ही जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई गंभीर विषय बन गयी है।
इसके चलते संसद का मानसून सत्र एक भी दिन नहीं चल पाया, जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही रुक गयी है। सरकार की ओर से पेपरलीक रोकने के उपाय नहीं दिखने से भी असंतोष बढ़ रहा है। ऐसे राजनीतिक हालात में उग्र व निराश होने के बजाय लोगों को अपने मिशन के प्रति लगन व तन, मन, धन से लगातार डटे रहना है।